याद आयी जब घर से कमाने निकल गए
रूह काँप उठी और जमाने सिहम गए
ऐ जिंदगी किसकी तलाश में है तू
में यहाँ हूँ और कितने बूढ़े निकल गए
रूह काँप उठी और जमाने सिहम गए
ऐ जिंदगी किसकी तलाश में है तू
में यहाँ हूँ और कितने बूढ़े निकल गए
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